नई ऊर्जा: An encouraging Poem

कोई हो  कसक या  उलझन 
उसे दुःख पे न थोपो तुम
हो कोई समस्या जीवन में
समाधान  तुम्हे ही बनना होगा
कण-कण से हम बने हैं
कण-कण में ही बटना होगा.

नागार्जुन: हिन्दी और मैथिली साहित्य का अप्रतिम कवि