जब आप अपने दिल की आवाज़ को शब्दों में पिरोते हैं

जब आप अपने दिल की आवाज़ को शब्दों में पिरोते हैं हम सभी का जीवन महत्वपूर्ण लम्हों, अनुभवों और भावनाओं से भरा हुआ है। किसी भी क्षण में, हमने सब कुछ लिखा होगा – एक कविता, एक शायरी, या सिर्फ कुछ विचार। इसे लेखन की यात्रा कहा जा सकता है। कुछ लोग इस यात्रा को …

युद्ध में प्रेम

मैंने युद्ध नहीं चुना हैमैंने तुम्हें चुना हैपरन्तु विन्ध्वंस से बच पानाहम दोनों के बस में नही हैयदि युद्ध से हम बच गएहम तुम मिलकर सृजन करेंगे साथी! तानाशाह की मजबूरी हैराष्ट्रवाद के नाम पर लोगो को उकसानाकृत्रिम सीमाएँ बनानाहम तुम इस सीमा को मिटा देंगेहम तुम मिलेंगे साथी। युद्ध में बंजर हो जाये मुमकिन …

जड़ पुरुष

मेरे अंदर एक पुरुष छुपा बैठा हैकभी कभी वो बाहर आ जाता हैमुझे उस पुरुष से डर लगता हैक्योंकि मेरे प्रेमिका उससे डरती है। मेरी प्रेमिका के अंदर भी एक पुरुष छुपा हैकभी कभी वो बाहर आ जाता हैमेरी प्रेमिका को पता नहीं चलता हैकि इस पुरुष से भी उसे डरना है। मैं मुक्त नही …

रोशनी में प्रेम

दिन की कहानी है हमारीरोशनी में हैं हम मिलेबात बस इतनी सी हैप्रेम में हैं हम दोनों। हर रोज टूटता क्यों हैपास न आने का वादाएक दूसरे में खो न जाने का इरादापता नही है हमकोबात बस इतनी हैंप्रेम में हैं हम दोनों। प्रेम हमाराकितना सच हैकितना  गहरा हैपता नहीं हैं हमकोबात बस इतनी हैकोई …

Abhi tum radha bankar sath rho na

हर तरफ है तन्हाईअभी उड़ रहें हैं प्राणघर बन रहें हैं कंक्रीट के मकानदुःख का मौसम हैछाया है मातम इस जहाँ मेंअभी तुम सिर्फ अहसास बन कर साथ रहो नअभी तुम राधा बन कर साथ रहो न।गुजर जाने दो स्याह भरी रातहो जाने दो सुबह गुलजारघुल जाने दो खुशी हर मन में उदास मौसम के …

आज हिन्द मेंलाखों कविताएं लिखीं जा रहीं है,परये कविताप्यार से उपजी हुई नहीं हैऔर येबिछड़े प्रेमी का संवाद भी नही हैकिसी पत्रिका केविशेष अंक में छापी गई नहीं हैं।ये लिखी जा रही है,स्याह तप्ती सड़कों परखून से लतपथफोके पड़े पैरों सेपसीने सेलाचारी सेचीख सेझंनाहट सेभन्नाहट से।परये कविताआत्मनिर्भर है,इसने अपने छापे जाने के लिएभरोषा नहीं कियामीडिया …

किस ओर तुम हो

किस ओर तुम होइस तरफ मैं हूँशशांकितभावनाओं के समुन्द्र में।खुद से अलग होकरमैं किस ओर हूँउस तरफ तुम होद्रवित,साथ साथ चलनाथक जानामालूम है अंतभावनाओं का कुचल जानाअपनी अपनी दुनिया मेंलड़नाआराम करनाथकावट का मिट जाना,इस ओर तुम्हारा आनामेरा उस ओर जानानियत हैतुम्हारा खुद से बिखर जानामेरा खुद से बिखर जानाफिर से साथ आनाफिर बिछड़ जाना।विरक्ति की …

कह रहे हो कोई कहानीतुम जोश मेंमत खोलो कई गुत्थियांजान कोई अटकी होन जाने उसकी आगोश मेंकि हाथ तुम्हारे पकड़ करवो चल दी थी संग कहींकी थी कई अठखेलियां, नादानियाँ, मस्तियाँनाम कुछ दिए बिनाराज खोलें हो उसनेअल्हड़पन के आवेश में कईन जाने वो किस शहर की थीजी रही थी कहीं दुबकी दुबकीतुम्हारे हाथ पकड़ करकर …

“काल्पनिक जीवन: A love poem “

मेरी नायिका ने खुद को मेरी कल्पना बताया  जो मै कहता हूँ उसे, खुद को उससे अलग बताया   कहती है वो, तुम अपनी कल्पनाओ में खोये रहो  मुझे मेरी अपनी जिन्दगी जीने दो  मै जैसी हूँ स्वछंद नहीं  जीती तो मै  हूँ ,जीवन नहीं . तुमने कल्पनाओं मे जो बुना है उसे हकीकत मत समझना  अपनी कल्पनाओं …

डॉक्टर साहब

Vikram prashant, [01.07.20 14:25]सोती जगती आंखों कोतुम दिनभर लेकर चलते होडॉक्टर साहब क्या तुमअब भी पढ़ते हो।सफेद कोट पहनेगले मे आला (stethoscope) लटकाएतुम चलते होखुद की भी धड़कन कभी सुनते होया सिर्फ हमारे धड़कन की फिकर करते होडॉक्टर साहब क्या तुमअब भी पढ़ते होहो बीमारी का इलाज जबतुम न जाने क्या क्या करते होकिडनी, लिवर …

नागार्जुन: हिन्दी और मैथिली साहित्य का अप्रतिम कवि